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तेरी यादों का उजाला है अभी तक दिल में,
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जैसे ठहरा हुआ कोई चाँद हो साहिल में।
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तू मिले या ना मिले ये मुक़द्दर की बात है,
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पर तेरा नाम लिखा है मेरी हर महफ़िल में।
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कुछ अल्फ़ाज़ मोहब्बत के अधूरे ही सही,
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पर उनका असर रहता है रग-रग की मंज़िल में।
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मैंने हर दर्द को हँस कर छुपा तो लिया,
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पर तेरी कमी बोलती है मेरी हर मुश्किल में।
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🌹 तेरी याद 🌹
🌙 चाँद साहिल 🌊
📝 अधूरे अल्फ़ाज़
💫 💖 यादों का उजाला 💖 🌙
