कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2002 में शुरू की गई एग्री-क्लिनिक और एग्री-बिजनेस केंद्र (AC&ABC) योजना का उद्देश्य किसानों को उन्नत विस्तार सेवाएँ प्रदान करके कृषि क्षेत्र में बदलाव लाना है। यह योजना सार्वजनिक विस्तार प्रणाली को मजबूती देती है और प्रशिक्षित कृषि पेशेवरों के माध्यम से किसानों तक तकनीकी जानकारी, गुणवत्तापूर्ण इनपुट और परामर्श सेवाएँ पहुँचाती है।

नाबार्ड (NABARD) इस योजना के लिए सब्सिडी चैनलाइज़िंग एजेंसी के रूप में कार्य करता है, जिससे बैंक ऋण और पिछड़ी सब्सिडी का प्रवाह सुचारू रूप से होता है। वर्तमान में सरकार ने कृषि एवं संबद्ध विषयों के स्नातकों को स्टार्ट-अप प्रशिक्षण और विशेष स्टार्ट-अप ऋण की सुविधा भी प्रदान की है।

✨ योजना के दो स्तंभ: लाभ एवं सेवाएँ

🌾 एग्री-क्लिनिक

किसानों को विशेषज्ञ परामर्श और निदान सेवाएँ प्रदान करता है। फसल/पशु उत्पादकता बढ़ाने, आय वृद्धि हेतु सहायता।

  • मृदा स्वास्थ्य परीक्षण
  • फसल कटाई तकनीकें एवं पादप संरक्षण
  • फसल बीमा एवं कटाई-पश्चात प्रबंधन
  • पशुओं के लिए नैदानिक सेवाएँ, चारा प्रबंधन
  • बाज़ार भाव संबंधी जानकारी

🏪 एग्री-बिजनेस सेंटर

प्रशिक्षित कृषि पेशेवरों द्वारा स्थापित वाणिज्यिक इकाइयाँ। कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली गतिविधियाँ:

  • कृषि उपकरणों की कस्टम हायरिंग एवं मरम्मत
  • इनपुट (बीज, उर्वरक) की बिक्री
  • कटाई-पश्चात प्रबंधन एवं मूल्य संवर्धन
  • बाज़ार लिंकेज और उद्यमिता विकास
📌 विशेष वित्तीय सहायता: इस योजना में प्रशिक्षण, हैंडहोल्डिंग, ऋण प्रावधान और क्रेडिट-लिंक्ड बैक-एंड समग्र सब्सिडी शामिल है। परियोजना लागत का 44% तक सब्सिडी (अधिकतम सीमा के साथ) सामान्य वर्ग हेतु, एससी/एसटी/महिलाओं के लिए उच्चतर सब्सिडी दी जाती है।

⚙️ परियोजना गतिविधियाँ (व्यवसाय के अवसर)

  • विस्तार परामर्श सेवाएँ – मृदा एवं जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाएँ (परमाणु अवशोषण स्पेक्ट्रोफोटोमीटर सहित)
  • कीट निगरानी, निदान एवं नियंत्रण सेवाएँ
  • माइक्रो इरिगेशन (स्प्रिंकलर/ड्रिप) सहित कृषि मशीनरी का रखरखाव, मरम्मत और कस्टम हायरिंग
  • बीज प्रसंस्करण इकाइयाँ, पादप ऊतक संवर्धन प्रयोगशालाएँ, कठोरिकरण इकाइयाँ
  • वर्मीकल्चर, जैव-उर्वरक, जैव-कीटनाशक एवं जैव-नियंत्रण एजेंट उत्पादन
  • मधुमक्खी पालन (एपीकल्चर), शहद प्रसंस्करण इकाइयाँ
  • जलीय कृषि हैचरी, मछली उत्पादन, पशुधन स्वास्थ्य केंद्र (पशु चिकित्सा औषधालय)
  • ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी कियोस्क, कृषि पोर्टलों तक पहुँच
  • चारा प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन केंद्र, कोल्ड चेन स्थापना (समूह गतिविधि), खुदरा विपणन केंद्र

नोट: समूह गतिविधियों में दो या अधिक पात्र उम्मीदवार मिलकर बड़ी परियोजनाएँ (जैसे एग्री सर्विस सेंटर, कोल्ड चेन) स्थापित कर सकते हैं।

✅ पात्रता मानदंड (कौन कर सकता है आवेदन?)

  • आयु सीमा: 18 से 60 वर्ष के बीच।
  • शैक्षिक योग्यता (निम्न में से कोई एक):
  • ICAR/UGC मान्यता प्राप्त SAU/केंद्रीय विश्वविद्यालय से कृषि एवं संबद्ध विषयों में स्नातक डिग्री।
  • राज्य कृषि विश्वविद्यालय / तकनीकी शिक्षा विभाग से कृषि एवं संबद्ध विषयों में डिप्लोमा (न्यूनतम 50% अंक) अथवा PG डिप्लोमा।
  • कृषि एवं संबद्ध विषयों में स्नातकोत्तर के साथ जीव विज्ञान स्नातक (B.Sc.)।
  • UGC मान्यता प्राप्त डिग्री पाठ्यक्रम जिसमें 60% से अधिक कृषि एवं संबद्ध विषयों की सामग्री हो।
  • इंटरमीडिएट (10+2) स्तर पर कृषि संबंधी पाठ्यक्रम – न्यूनतम 55% अंक।

⚠️ अपवाद: पेंशन लाभ प्राप्त करने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी सब्सिडी के पात्र नहीं हैं, लेकिन प्रशिक्षण ले सकते हैं और स्व-वित्तपोषित परियोजना स्थापित कर सकते हैं।

📝 आवेदन प्रक्रिया (ऑनलाइन चरणबद्ध)

  1. आधिकारिक पोर्टल MyScheme.gov.in – AC&ABC पर जाएँ।
  2. सभी अनिवार्य फ़ील्ड सही ढंग से भरें।
  3. आवश्यक दस्तावेज़ उचित प्रारूप एवं आकार में अपलोड करें।
  4. आवेदन पूर्ण कर “जमा करें” पर क्लिक करें।
  5. आवेदन की स्थिति की जाँच के लिए ट्रैक लिंक का उपयोग करें।

📂 आवश्यक दस्तावेज़

  • आवेदक का आधार नंबर (या वैकल्पिक पहचान पत्र: वोटर आईडी, पैन, पासपोर्ट, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि)
  • ईमेल आईडी एवं मोबाइल नंबर
  • नवीनतम शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्र
  • बैंक खाता विवरण (पासबुक)
  • आवेदक का पासपोर्ट साइज़ फोटो

यदि आधार आवंटित नहीं हुआ है, तो आधार नामांकन पर्ची + कोई सरकारी फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत किया जा सकता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रति एकड़ फसल ऋण कितना है?

यह योजना परियोजना-आधारित ऋण है। बैंक व्यवसाय योजना के अनुसार कार्यशील पूंजी एवं स्थायी संपत्ति हेतु ऋण स्वीकृत करते हैं।

लॉक इन अवधि क्या है?

सामान्यतः परियोजना प्रारंभ से 3-5 वर्ष तक बैंक ऋण के लिए कोई लॉक-इन नहीं, किंतु सब्सिडी के लिए परियोजना का कम से कम 3 वर्ष संचालन अपेक्षित।

सब्सिडी का स्वरूप?

बैक-एंड सब्सिडी, जो ऋण राशि का 44% (सामान्य) एवं SC/ST/महिलाओं हेतु 50% तक, अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये।

क्या परियोजना लागत की ऊपरी सीमा है?

व्यक्तिगत परियोजना हेतु अधिकतम 20 लाख रुपये, समूह परियोजना हेतु 50 लाख रुपये तक (सब्सिडी सीमा भिन्न)।

क्या उम्मीदवार सामूहिक परियोजनाएँ शुरू कर सकते हैं?

हाँ, दो या अधिक पात्र उम्मीदवार मिलकर एग्री सर्विस सेंटर, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट जैसी सामूहिक परियोजनाएँ स्थापित कर सकते हैं।

प्रशिक्षण की अवधि?

प्रशिक्षण 2 से 6 सप्ताह का होता है, जो नाबार्ड द्वारा मान्यता प्राप्त नोडल संस्थानों में आयोजित किया जाता है।